मुंबई , अक्टूबर 09 -- महाराष्ट्र में वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के अध्यक्ष एवं डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने शुक्रवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने 10 अक्टूबर (शनिवार) को होने वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने एवं गृहयुद्ध शुरू करने के लिए नयी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े 50,000 से ज़्यादा दंगाईयों को तैनात किया है।
श्री अंबेडकर ने संवाददाताओं से कहा, "ऐसा लगता है कि 10 अक्टूबर के बाद देश में गृहयुद्ध भड़काने की साजिश रची जा रही है। केंद्र सरकार ने पूरे देश में व्याप्त तीव्र असंतोष को दबाने के लिए हिटलर के तरीकों को अपना रही है। भाजपा और आरएसएस से संबद्ध 50,000 से अधिक दंगा पुलिसकर्मियों को 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान दंगे भड़काने के लिए दिल्ली में खुलेआम प्रवेश करने की अनुमति दी गयी है।" उन्होंनेश्री अंबेडकर ने घोषणा की कि वीबीए शनिवार को नयी दिल्ली में होने वाले उस विरोध-प्रदर्शन का पूरी तरह से समर्थन करता है जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पूनरीक्षण को रद्द करने की मांग की गयी है।
वीबीए अध्यक्ष ने कहा, "हमें मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम 50,000 भाजपा और आरएसएस के दंगाइयों को दिल्ली लाया गया है। एक पूरी योजना बनायी गयी है कि ये लोग प्रदर्शनों में घुसकर कानून अपने हाथ में ले लेंगे ताकि पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज एवं गोलीबारी करने का बहाना मिल जाये। ऐसा लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय सीधे तौर पर इसके पीछे है।"उन्होंने कहा, दूसरी ओर, विरोध प्रदर्शन करने के इच्छुक आम नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं को ट्रेनों, निजी वाहनों, होटलों और सड़कों पर जांच करके रोका और गिरफ्तार किया जा रहा है। मेट्रो रेलवे स्टेशनों और बस सेवाओं को बंद किया जा रहा है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को इस तरह दबाने से तानाशाही की स्थिति बन रही है। यह सिर्फ़ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक भयावह सच्चाई है जिसका सामना आज देश कर रहा है और इसमें देश के भीतर गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की क्षमता है।
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