पौड़ी , अक्टूबर, 15 -- त्तराखंड के पौड़ी में पहाड़ी युवाओं को स्थानीय संसाधनों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में आयोजित जिला कौशल समिति की पहली बैठक में जिला कौशल विकास योजना 2026-31 को जनपद की भौगोलिक, आर्थिक और रोजगार संबंधी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया गया। बैठक में कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप, उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि युवाओं को उनकी रुचि, स्थानीय संसाधनों और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण देना जरूरी है। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार से जोड़ना होना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में इको टूरिज्म, उच्च मूल्य वाली पर्वतीय कृषि, कृषि प्रसंस्करण, डिजिटल एवं रिमोट इकोनॉमी, ग्रीन स्किल्स, जलवायु अनुकूल आधारभूत संरचना तथा पारंपरिक हस्तशिल्प और सांस्कृतिक उद्योगों को कौशल विकास के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
जिला उद्योग केंद्र, पर्यटन, श्रम, कृषि एवं उद्यान, ग्राम्य विकास, शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सिंगल विंडो कन्वर्जेंस को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। इसके तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं और संसाधनों का समन्वित उपयोग कर युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर विकसित किए जाएंगे।
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