पौड़ी , मई 13 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में बुधवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव नाज़िश कलीम की अध्यक्षता में पैनल अधिवक्ताओं की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, निःशुल्क विधिक सहायता और आगामी विशेष लोक अदालत "समाधान समारोह-2026" के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष चर्चा की गई।

बैठक में सचिव नाज़िश कलीम ने पैनल अधिवक्ताओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक समयबद्ध तरीके से निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिवक्ताओं से संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज के कमजोर, वंचित और आर्थिक रूप से असहाय वर्गों को न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी कर पात्र व्यक्तियों को त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में आगामी 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को उच्चतम न्यायालय में आयोजित होने वाले "समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026" के सफल आयोजन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ने जनपद से संबंधित लंबित वादों को सुलह-समझौते के आधार पर विशेष लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विशेष लोक अदालत आमजन को कम खर्च में त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। इसके लिए अधिवक्ताओं को अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने तथा पक्षकारों को समझौता आधारित समाधान के लिए प्रेरित करने को कहा गया।

बैठक में विधिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने, जन-जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा आगामी विधिक सेवा कार्यक्रमों के सफल आयोजन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर सभी पैनल अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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