अलवर , मई 13 -- राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र के अलावड़ा स्थित नंगली गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के पोषाहार की दाल में गत 27 अप्रैल को मरा हुआ चूहा मिलने का मामला अब विभागीय कार्रवाई तक पहुंच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले की जांच पूरी होने से पहले ही शिक्षा विभाग ने विद्यालय के संस्था प्रधान कुंदन लाल मीणा को एपीओ करके उनका मुख्यालय कठूमर कर दिया गया है। विभाग ने उन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
घटना के दूसरे दिन जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) विश्राम गोस्वामी जांच के लिए विद्यालय पहुंचे थे। जांच के दौरान विद्यालय के बाहर चल रहे नाली निर्माण कार्य के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित मिली। साथ ही रिकॉर्ड संधारण में भी कमियां पाई गईं। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर संस्था प्रधान कुंदन लाल मीणा को जांच लंबित रखते हुए एपीओ कर दिया गया।
अलावड़ा के राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय के प्रधानाचार्य सतपाल सिंह ने बताया कि उनके अधीन चार विद्यालय आते हैं और वह नियमित निरीक्षण करते रहे हैं, जहां पहले कभी कोई बड़ी कमी सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि विद्यालय के बाहर निर्माण कार्य चलने से सफाई व्यवस्था प्रभावित थी, लेकिन उच्च अधिकारियों के आदेशों की पालना करना उनकी मजबूरी है।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) देवेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय का रिकॉर्ड सही तरीके से संधारित नहीं मिला। एक ही व्यक्ति द्वारा प्रधानाध्यापक और पोषाहार जांचकर्ता के रूप में हस्ताक्षर किए जा रहे थे और विद्यालय की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरे हुए चूहे के मामले की जांच अभी जारी है और विभाग अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। फिलहाल संस्था प्रधान को एपीओ किया गया है।
श्री गोस्वामी ने कहा कि उच्च अधिकारियों द्वारा की गई जांच में जो तथ्य सामने आए, उनके आधार पर संस्था प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि विद्यालय में गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) क्यूआरजी फाउंडेशन द्वारा पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। घटना वाले दिन विद्यालय प्रबंधन समिति ने दाल में मरा चूहा मिलने के बाद बच्चों को दाल वितरित नहीं की थी।
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