धर्मशाला , मार्च 31 -- बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने पोप लियो के 'पाम संडे मास' के दौरान वेटिकन सिटी से दुनिया भर में शांति स्थापित करने के लिए की गयी भावुक अपील का पुरजोर समर्थन किया है।
मंगलवार को यहां जारी आधिकारिक संदेश में दलाई लामा ने हिंसा को त्याग कर बातचीत के जरिये संघर्षों के समाधान पर जोर दिया है।
दलाई लामा ने पोप लियो के शांति आह्वान को 'शक्तिशाली' बताते हुए कहा, "हथियारों को छोड़ने और अहिंसा का रास्ता अपनाने की उनकी बात मेरे दिल को छू गयी है।" उन्होंने जोर दिया कि दुनिया के सभी प्रमुख धर्म चाहे वह ईसाई, बौद्ध, इस्लाम, हिंदू या यहूदी धर्म हो, सभी का मूल संदेश प्रेम, करुणा, सहिष्णुता और आत्म-अनुशासन ही है। उन्होंने हिंसा को शांति का स्थायी आधार मानने से इनकार कर दिया और कहा कि इतिहास गवाह है कि हिंसा केवल और हिंसा को जन्म देती है। उन्होंने संघर्षों के स्थायी समाधान के लिए बातचीत, कूटनीति और आपसी सम्मान को ही एकमात्र रास्ता बताया।
दलाई लामा ने संदेश में दुनिया भर में जारी हिंसा और संघर्षों के जल्द समाप्त होने की प्रार्थना भी की है।
दलाई लामा का यह शांति संदेश ऐसे समय में आया है, जब दुनिया दो भीषण युद्धों की चपेट में है। रूस-यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी सैन्य संघर्ष ने वैश्विक स्थिरता को हिलाकर रख दिया है। वहीं, पश्चिम एशिया में स्थिति तब और अधिक विस्फोटक हो गयी, जब 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया।
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