खरगोन , सितंबर 13 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के चिरिया वन परिक्षेत्र में पिछले पैरों में पैरालिसिस से ग्रस्त एक वयस्क नर तेंदुए की डिहाइड्रेशन और भूख के कारण मौत हो गई।
खरगोन के वन मंडलाधिकारी रमेश राठौड़ ने बताया कि 11 सितंबर को बीट गार्ड ने चिरिया वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 934 स्थित नर्सरी में तेंदुए को घायल अवस्था में बैठे देखा था। तेंदुआ चल-फिर नहीं पा रहा था। सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने देखा कि तेंदुआ दहाड़ रहा था, लेकिन अपने पैरों पर खड़ा होने या वहां से आगे बढ़ने में असमर्थ था।
श्री राठौड़ ने बताया कि तेंदुए की हालत को देखते हुए इंदौर स्थित टास्क फोर्स और रेस्क्यू टीम को सहायता के लिए तत्काल सूचना दी गई थी, लेकिन टीमों के मौके पर पहुंचने से पहले ही शाम करीब चार बजे तेंदुए की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया। रविवार को प्राप्त रिपोर्ट में चिकित्सकों ने संभावना जताई कि पिछले पैरों में पैरालिसिस से पीड़ित तेंदुए की मौत डिहाइड्रेशन और भूख के कारण हुई। पोस्टमार्टम के दौरान तेंदुए के स्टमक, स्मॉल इंटेस्टाइन और लार्ज इंटेस्टाइन में किसी तरह का खाद्य पदार्थ नहीं मिला। वन विभाग के कर्मचारियों ने तेंदुए के मिलने के बाद उसे पानी भी पिलाया था।
डीएफओ ने बताया कि मौत के कारणों की आगे जांच के लिए तेंदुए का विसरा सुरक्षित रखा गया है और उसे परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। वन विभाग के अनुसार निर्धारित वन्यजीव प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित