भोपाल , मई 20 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर ग्राम पंचायतों में कार्यरत पेसा मोबिलाइजर्स (प्रेरकों) की सेवाएं निरंतर जारी रखने की मांग की है।

श्री सिंघार ने अपने पत्र में कहा है कि पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम-1996 (पेसा एक्ट) के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा बजट से उनकी सेवाएं जारी नहीं रखते हुए उन्हें समाप्त कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से आदिवासी जिलों में पेसा एक्ट से जुड़े कार्य प्रभावित होंगे। पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में इन प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी तथा 15 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति द्वारा इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया था।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लगभग पांच हजार प्रेरकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी सेवाएं जारी रखने के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाए।

इस मुद्दे पर जारी वीडियो संदेश में श्री सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार ने हजारों मोबिलाइजर्स की सेवाएं समाप्त कर दीं, जबकि यही कर्मचारी गांव-गांव जाकर लोगों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने का कार्य करते थे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं तथा राज्य सरकार को इस संबंध में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

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