पेरिस , अक्टूबर 23 -- फ्रांस की राजधानी पेरिस के दक्षिण-पश्चिम उपनगरों में हुई अंधाधुंध गोलीबारी की एक घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम चार अन्य घायल हो गये। इस घटना के बाद फ्रांसीसी अधिकारियों ने आतंकवादी वारदात के नजरिए से जांच शुरू कर दी है।
गृह मंत्री लॉरेन नुनेज ने बताया कि ये गोलीबारी केंद्रीय पेरिस से लगभग 15 मील दक्षिण-पश्चिम में ट्रैप्स और ला वेरीयेर केतीन अलग-अलग स्थानों पर हुई। उन्होंने कहा कि हमलावर ने कथित तौर पर एक वाहन से गोलीबारी की, और उसने 'सैन्य-ग्रेड हथियार, या कम से कम एक स्वचालित हथियार' का इस्तेमाल किया था। शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10:30 बजे नजदीकी शहर कोइग्निरेस में संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया।
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू ने इस घटना को 'बेहद गंभीर' करार देते हुए कहा कि संदिग्ध को पकड़कर पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और न्यायिक अधिकारी पूरी तरह से मुस्तैद हैं। राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी अभियोजक कार्यालय इस जांच की निगरानी कर रहा है, और अभियोजक यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस हमले के पीछे नस्लीय या धार्मिक नफरत का कोई मकसद था। हमले का वास्तविक मकसद हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है।
ट्रैप्स के मेयर अली राबेह ने बीएफएमटीवी को बताया कि एक व्यक्ति ने अपनी कार से गोलियां चलाईं और 'वह अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा था तथा ऐसा प्रतीत होता था कि उसका इरादा नरसंहार करने का था।' उन्होंने कहा कि मारे गए व्यक्ति के साथ-साथ घायलों में से एक अफ्रीकी मूल का था। उन्होंने कहा, "यह एक चमत्कार है कि हताहतों की संख्या कम है।"उन्होंने यह भी बताया कि हमलावर ने खेल के मैदान सहित कई जगहों पर गोलियां चलाईं। राबेह ने बताया कि घायलों में एक 12 साल की बालिका भी शामिल है।
फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घायलों की संख्या अधिक हो सकती है, हालांकि पुलिस ने अभी तक पीड़ितों की पहचान या उम्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब फ्रांस जीवनयापन की लागत और स्कूलों की स्थिति को लेकर शनिवार को होने वाले बड़े प्रदर्शनों की तैयारी कर रहा है। पिछले हफ्ते हुई व्यापक अशांति और हिंसा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पेरिस में सरकार ने सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है। श्री नुनेज ने कहा कि लगभग 70,000 सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इसके अलावा, लूवर सहित प्रमुख संग्रहालयों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
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