पुणे , अगस्त 8 -- महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शनिवार को चेतावनी देते हुए कहा कि खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता तथा सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि विभाग मादक और गैर-मादक, दोनों तरह के पेय पदार्थों की जांच में तेजी लाएगा।

पुणे लोकल और 'माइ जनसेवक' द्वारा बालगंधर्व रंगमंदिर में 'भविष्यवेध - संवाद भविष्याचा' पहल के तहत आयोजित एक विशेष साक्षात्कार कार्यक्रम 'अनस्टॉपेबल तुकाराम' में बोलते हुए श्री मुंढे ने कहा कि पेय पदार्थों में मिलावट की शिकायतें बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा, "दूध, पनीर और खाद्य तेलों की तरह ही मादक और गैर-मादक पेय पदार्थों की भी गहन जांच की जाएगी। हम पेय पदार्थों की गुणवत्ता, उत्पादन और लेबलिंग पर कड़ी नजर रख रहे हैं।"श्री मुंढे ने कहा कि जहरीले रसायनों के अवैध शराब में मिलाए जाने से होने वाली मौतों की घटनाओं ने सख्त सतर्कता की आवश्यकता को बताते हुए कहा कि खाद्य उत्पादों को कानूनी रूप से निर्धारित मानकों का पालन करना होगा और चेतावनी दी कि मिलावटी भोजन, जहरीली ताड़ी या शराब और घटिया उत्पाद जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।

एफडीए आयुक्त ने बताया कि उपभोक्ता शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की गई है, जिस पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। इसके अलावा, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों की कैंटीन सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों में भी निरीक्षण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि खाद्य उद्योग को नियमों का पालन करना चाहिए, एफडीए को अनुपालन को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए और उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए। इन तीनों तत्वों के माध्यम से ही व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित