बैतूल , अप्रैल 7 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में गहराते पेयजल संकट के विरोध में विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।

जिला कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में डोक्या, कोथलकुंड, चूड़ियां, मुलताई और कास्या क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि योजना के तहत कई स्थानों पर पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन स्थायी जल स्रोत विकसित नहीं किए गए, जिससे लोगों को अब तक नियमित पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती गई है। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त जलस्रोत सुनिश्चित किए ही योजनाओं को कागजों में पूर्ण दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्थिति विपरीत है।

जनपद पंचायत भीमपुर क्षेत्र के सदस्य अंजनी योगेश यादव ने ग्राम पंचायत डोक्या के अंतर्गत आने वाले बर्राकास्या गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि बोरवेल सूख जाने के कारण नल-जल योजना पूरी तरह ठप है। उन्होंने कहा कि गांव ऊंचाई पर स्थित होने से जलस्रोत जल्दी समाप्त हो जाते हैं और ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने मांग की कि मेंडा और भूरूकास्या क्षेत्र के बोरवेल से पाइपलाइन जोड़कर प्रभावित गांवों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वहीं चूड़ियां गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना का हैंडओवर कागजों में पूरा दिखाया गया है, जबकि वास्तविकता में कार्य अधूरा है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सभी प्रभावित गांवों में शीघ्र पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

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