बालोद , अक्टूबर 10 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पेयजल की समस्या को लेकर दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर पिछले तीन दिनों से चक्काजाम और आमरण अनशन कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने शनिवार सुबह धरनास्थल से हटा दिया। इस दौरान 102 पुरुषों और 30 से 40 महिलाओं को पुलिस अभिरक्षा में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आड़ेझर गांव के हजारों ग्रामीण बोइरडीही जलाशय से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर गुरुवार से आंदोलन कर रहे थे। ग्रामीणों ने दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था, जबकि नौ ग्रामीण अपनी मांग के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे थे।

बताया गया है कि प्रशासन की ओर से लगातार तीन दिनों तक आंदोलनकारियों को समझाने और चक्काजाम समाप्त कराने के प्रयास किए गए, लेकिन बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलने पर शनिवार सुबह पुलिस ने धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटा दिया।

कार्रवाई के बाद 102 पुरुषों को दल्ली राजहरा के ओपन थिएटर और 30 से 40 महिलाओं को आईटीआई परिसर में पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।

ग्रामीणों के आंदोलन के कारण महामाया, दुलकी और कलवर माइंस से कच्चा लोहा परिवहन करने वाले हजारों वाहनों का परिचालन प्रभावित हो रहा था। मार्ग अवरुद्ध रहने से खनिज परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा था।

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