चंडीगढ़ , मई 26 -- हरियाणा के लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि अधिकारियों को जमीनी स्तर पर रहकर जनता की शिकायतों का तुरंत समाधान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए विभाग को पूर्ण सतर्कता पर रखा गया है।
श्री गंगवा ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण और बाढ़ की तैयारी पर समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी सर्किलों की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा हुई। मुख्य अभियंता देवेंद्र दाहिमा सहित सभी अधिकारी बैठक में शामिल हुए। श्री गंगवा ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, मुख्यालय में रहने के निर्देश दिये और कहा कि ग्रीष्म ऋतु विभाग के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय है। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने और बिना अनुमति छुट्टी न लेने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य भर में लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं।
लापरवाही पर कार्रवाई पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए चरखी दादरी और हांसी के दो सब डिवीजनल ऑफिसर और दो जूनियर इंजीनियर को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिये गये। आदमपुर के दो अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने को कहा गया। हांसी के चानोट गांव में पेयजल समस्या के समाधान में लापरवाही पर संबंधित सब डिवीजनल ऑफिसर और दो जूनियर इंजीनियर निलंबित किये गये। आदमपुर जल संयंत्र की खराब स्थिति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
श्री गंगवा ने अधिकारियों को नियमित दौरे कर पेयजल आपूर्ति की निगरानी के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल, मोटर, पाइपलाइन या जल संयंत्र में खराबी आने पर तुरंत कार्रवाई हो। देरी से पेयजल संकट होने पर सख्त कार्रवाई होगी।
जल संरक्षण पर जोर देते हुए श्री गंगवा ने जल की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। घर-घर सर्वेक्षण कर अनावश्यक बर्बादी पर नोटिस जारी होंगे। पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश भी दिये गये। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी जन प्रतिनिधियों के फोन का जवाब नहीं देते। अधिकारियों को हर हाल में फोन का जवाब देना होगा और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करना होगा।
बहादुरगढ़ के आदर्श नगर में बाढ़, चरखी दादरी के विद्यानगर, हनुमान धानी, तिब्बा बस्ती और गुरुग्राम के मुजेदपुर में पानी की कमी पर प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिये गये। सिंचाई विभाग के साथ साप्ताहिक बैठक कर बेहतर समन्वय बनाने को कहा गया।
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