नयी दिल्ली , जुलाई 30 -- लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के बाद विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आने की मांग करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने जैसे ही चर्चा का जवाब देने के लिए कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का नाम पुकारा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर का मुद्दा उठाया। उन्होंने औचित्य की बात उठाते हुए कहा कि विपक्ष के सभी सदस्यों ने जो सवाल उठाये वे एक ही थे। उन्होंने कहा, "जो जुल्म-ज्यादती उन नौजवानों के साथ, छात्रों के साथ हुई है, लाठियों की बात हुई है, पैलेट की बात हुई, हमें यह उम्मीद थी कि सदन में चर्चा समाप्त होने के पहले, गृह मंत्री अमित शाह आयेंगे; पर यह धोखा है।"उनके इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सदस्य भी हंगामा करने लगे।
सदन के नेता जय प्रकाश नड्डा ने कहा कि विपक्ष मुद्दा विहीन हो गया है। आज उन्होंने अपने "काम और करतूत से" इसे साबित कर दिया है। उन्होंने कहा, "आज लगभग आठ घंटे चर्चा चली है। सबको बोलने का पूरा समय दिया गया है। मंत्री के जवाब से पहले विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना रहा है जो बहिर्गमन कर रहा है। उनकी चर्चा में कोई रुचि नहीं है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कोई विश्वास नहीं है।"इस दौरान विपक्षी सदस्य "गृह मंत्री सदन में आओ" के नारे लगाते हुए सदन से बाहर चले गये।
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