देहरादून , जुलाई 17 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि पेपरलीक देश के युवाओं के भविष्य पर सबसे बड़ा अन्याय है और और देश की सरकार को इसे हर हाल में रोकना होगा।
श्री गांधी ने शुक्रवार को यहां बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि छात्रों, उनके भविष्य, संघर्ष और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर चर्चा का मंच है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे वर्षों तक कठिन मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक की बीमारी उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फेर देता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के पांच प्रमुख रास्ते हैं लेकिन इनमें से चार रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। उनका कहना था कि विनिर्माण क्षेत्र ठप है, बाजार चीनी सामान से भरा पड़ा है। उद्यमिता का रास्ता भी आसान नहीं है क्योंकि बैंकिंग व्यवस्था पर कुछ बड़े उद्योग समूहों का कब्जा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के कारण कॉरपोरेट क्षेत्र, विशेषकर आईटी नौकरियों पर असर पड़ा है, जबकि निजीकरण के कारण सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार कम हुए हैं। ऐसे में करोड़ों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी ही एक मात्र प्रमुख विकल्प बचा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए करोड़ों युवा परीक्षा देते हैं, लेकिन बहुत कम अभ्यर्थियों का चयन हो पाता है। अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को वर्षों तक तैयारी पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यदि अंत में पेपर लीक हो जाए तो यह सबसे बड़ा अन्याय है। पिछले 10 वर्षों में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ। इससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ लेकिन किसी भी दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि ईमानदारी से मेहनत करने वाले 99.9 प्रतिशत युवाओं का नुकसान केवल उन कुछ लोगों की वजह से होता है जो चोरी और भ्रष्टाचार के रास्ते पर चलते हैं। इन्ही रास्तों में पेपर लीक है जो एक उद्योग की तरह चल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक से निराश होकर जान गंवाने वाले 23 छात्रों के चित्र प्रदर्शित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान कई पीड़ित परिवारों ने अपनी पीड़ा भी श्री गांधी के मंच से साझा की। एक पिता ने भावुक होकर कहा कि उसके बच्चे के साथ जो हुआ, वैसा किसी अन्य बच्चे के साथ न हो और पेपर लीक की बुराई को हमेशा के लिए समाप्त किया जाना आवश्यक है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित