नयी दिल्ली/हैदराबाद , जुलाई 28 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि प्रश्न पत्र लीक करने के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए और इस खतरे को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित नियमन के चल रहे कोचिंग सेंटर इस तरह की अनियमितताओं के केंद्र बन गए हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि तेलंगाना ने यूपीएससी की तर्ज पर तेलंगाना लोक सेवा आयोग का पुनर्गठन किया है और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
श्री रेड्डी ने बताया कि उन्होंने 'इंदिरम्मा आवास योजना' और रोजगार गारंटी कार्यों के लिए केंद्र सरकार से सहायता मांगी है तथा केंद्रीय मंत्री को तेलंगाना आने का निमंत्रण दिया है।
मुख्यमंत्री ने फी रीइंबर्समेंट के मुद्दे पर कहा कि पिछली बीआरएस सरकार 8,000 करोड़ रुपये का बकाया छोड़ गई थी, जबकि फर्जी दावे जमा करने वाले संस्थानों के खिलाफ सतर्कता जांच चल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वास्तविक बकाए का भुगतान किया जाएगा और अब से फी रीइंबर्समेंट की राशि उसी शैक्षणिक वर्ष के भीतर सीधे बैंक हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से जारी की जाएगी।
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