जालौन , जुलाई 04 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में क्राइम ब्रांच ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने के नाम पर वर्ष 2020 में हुई 39.68 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में छह वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को शनिवार को उरई रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि 16 अगस्त 2020 को कोंच कोतवाली में शैलेन्द्र कुमार गौतम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने का झांसा देकर उनसे 39,68,685 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी लाइसेंस तैयार कर व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया। इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और आईटी अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान कुल 12 आरोपियों के नाम प्रकाश में आए, जिनमें से सात को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के निर्देशन में क्राइम ब्रांच ने सटीक सूचना के आधार पर बिहार के नालंदा जिले के महमदपुर गांव निवासी संजय रविदास (37) को उरई रेलवे स्टेशन के निकट से गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित ठगी की कुल रकम में से 2,98,500 रुपये संजय रविदास के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। यह कार्रवाई निरीक्षक राकेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने की। पुलिस मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
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