रांची , मई 15 -- झारखंड भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को जनता के साथ धोखा करार दिया है।

श्री भक्त ने कहा कि चुनाव के दौरान कीमतों को नियंत्रित रखा गया और चुनाव खत्म होते ही आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया।

महेंद्र सिंह भवन स्थित राज्य कार्यालय से जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जनता से पेट्रोल डीजल एवं सोना खरीदने से संयम की अपील कर रहे हैं, जबकि सरकार खुद फिजूलखर्ची में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के विशेष विमानों, बड़े-बड़े काफिलों और चुनावी प्रचार पर भारी खर्च करने वाली सरकार जनता को बलिदान का पाठ पढ़ा रही है।

श्री भक्त ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के समय भी देश में पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं किया गया और तेल कंपनियों ने भारी मुनाफाखोरी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े कॉरपोरेट घरानों और तेल कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए जनता से लगातार लूट की जा रही है।

श्री भक्त ने मांग की कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए तथा तेल कंपनियों की मुनाफाखोरी और लूट पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों की क्रय शक्ति खत्म हो रही है, जिससे गरीब, मजदूर, किसान, छात्र और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

भाकपा माले ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इसी तरह जनता पर महंगाई का बोझ डालती रही,तो जनता सड़क पर उतरकर आंदोलन के जरिए इसका जवाब देगी।

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