तेहरान , अप्रैल 30 -- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि पर्शियन गल्फ और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की समुद्री संप्रभुता को कमजोर करने या किसी प्रकार की नौसैनिक पाबंदी थोपने की कोशिश गंभीर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिणाम ला सकती है।

श्री पेजेशकियान ने राष्ट्रीय फारस की खाड़ी दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि फारस की खाड़ी ईरानी राष्ट्रीय पहचान का अभिन्न स्तंभ है और यह पुराने तथा नये उपनिवेशवादियों के खिलाफ ईरान के प्रतिरोध का शक्तिशाली प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष अमेरिका-इज़रायल संघर्ष की पृष्ठभूमि में दुनिया ने फिर देखा है कि विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रणनीतिक महत्व कितना गहरा है।

श्री पेजेशकियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस नीति की आलोचना की जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाये रखने के लिए कठोर समुद्री नियंत्रण जारी रखने की बात कही गयी थी। ईरानी राष्ट्रपति ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया।

उन्होंने कहा, " किसी भी प्रकार की नौसैनिक नाकेबंदी और प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, क्षेत्रीय देशों और जनता के हितों के लिए खतरा है, तथा अंततः विफल होने के लिए अभिशप्त है।"श्री पेजेशकियान ने ईरानी नौसैनिक बलों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्शियन गल्फ केवल ऊर्जा आपूर्ति का मार्ग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा में ईरान की अपरिहार्य भूमिका का प्रतीक है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फारस की खाड़ी में असुरक्षा बढ़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी अमेरिका और इज़रायल पर होगी।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि समुद्री मार्गों की स्थायी सुरक्षा बाहरी शक्तियों की सैन्य उपस्थिति से नहीं, बल्कि तटीय देशों के सामूहिक सहयोग से सुनिश्चित हो सकती है। उनके अनुसार बाहरी हस्तक्षेप तनाव बढ़ाता है और टिकाऊ शांति को बाधित करता है।

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