जयपुर , अगस्त 18 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सेवानिवृत्त कर्मियों का प्रशासनिक अनुभव, निर्णय क्षमता और व्यावहारिक समझ 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध हो सकती है।
राजस्थान पेंशनर समाज के सम्मान एवं आभार कार्यक्रम में श्री शर्मा ने कहा कि कोई भी कर्मचारी सेवा से निवृत्त हो सकता है, लेकिन सामाजिक दायित्वों से नहीं। उन्होंने पेंशनरों से अपना अमूल्य अनुभव युवा पीढ़ी के साथ साझा करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के विकास की नींव में पेंशनर समाज का परिश्रम और दूरदर्शिता शामिल है। प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व पुलिस सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पेंशनर्स को सम्मान, सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में ग्रेच्युटी की सीमा 20 से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने, 30 जून को सेवानिवृत्त कर्मियों को एक जुलाई की वेतन वृद्धि का लाभ देने और कर्मचारी की मृत्यु पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, 70 वर्ष की आयु पर 5 फीसदी अतिरिक्त पेंशन भत्ता न्यायिक सेवा के पेंशनरों पर भी लागू किया गया है।
श्री शर्मा ने कहा कि पेंशन स्वीकृति नियमों को सरल कर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की गयी है। पीपीओ, जीपीओ व सीपीओ स्वीकृतियां अब डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हो रही हैं, जिससे सत्यापन प्रक्रिया आसान हुई है और कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
उन्होंने कहा कि पेंशनरों की ओपीडी (आउटडोर) चिकित्सा सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये तथा बोर्ड-निगमों के पेंशनरों के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपये की गयी है। अब तक पांच लाख से अधिक पेंशनर घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र का लाभ ले चुके हैं। विशेष योग्यजन भाई-बहन को भी पारिवारिक पेंशन का पात्र बनाया गया है।
कर्मचारी कल्याण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पदोन्नति व वेतन विसंगतियों के समाधान और आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के संबंध में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पदोन्नति में अनुभव छूट की सीमा दो वर्ष करने, दिव्यांग कर्मियों को 2016 से पदोन्नति का लाभ देने और अनुकंपा नियुक्ति में पुत्रवधू को पात्र मानने जैसे संवेदनशील निर्णय लिये गये हैं।
कार्यक्रम में सांसद मदन राठौड़, विधायक गोपाल शर्मा और राजस्थान पेंशनर समाज के अध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पेंशनर उपस्थित थे।
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