सिवनी , नवंबर 1 -- मध्यप्रदेश में सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में वन्यप्राणी गौर के करीब तीन साल पुराने अवैध शिकार के मामले का खुलासा हुआ है। वन विभाग ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर खेत में दफन गौर के अवशेष बरामद किए हैं। शव को दफनाने में इस्तेमाल किया गया ट्रैक्टर भी जब्त किया गया है।

पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, 30 अक्टूबर को स्पेशल टास्क फोर्स से मिली सूचना के आधार पर गठित टीम ने चार संदिग्धों से पूछताछ की। इस दौरान आरोपियों ने करीब तीन वर्ष पहले विद्युत करंट फैलाकर गौर का शिकार करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर वन विभाग की टीम घाटकोहका बफर वन परिक्षेत्र की बरेलीपार बीट के कक्ष क्रमांक 386 में राजकुमार सरयाम के खेत पहुंची। वहां झोपड़ी से कुछ दूरी पर बताए गए स्थान की खुदाई कराई गई।

वन अमले ने गेंती और फावड़े से खुदाई शुरू की, जिसके बाद जेसीबी की मदद ली गई। करीब चार फीट गहराई पर 68 हड्डियां, एक खोपड़ी और दो सींग बरामद हुए। वन्यजीव सहायक शल्य चिकित्सक ने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए हड्डी का नमूना लिया है। आरोपियों द्वारा शव को गड्ढे में डालने के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी देने पर 31 अक्टूबर को संबंधित ट्रैक्टर भी जब्त किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकुमार सरयाम (44), आशीष उइके (30), राजाराम वट्टी (36), तीनों निवासी कर्माझिरी, तथा लक्ष्मण उइके (33), निवासी कुंभपानी के रूप में हुई है। मेडिकल परीक्षण के बाद चारों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गौर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है। बरामद अवशेषों की पहचान वैज्ञानिक परीक्षण के बाद सुनिश्चित की जाएगी।

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