जालौन , जुलाई 13 -- उत्तर प्रदेश के जालौन में सोमवार को उरई जिला बार संघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हमीरपुर महोबा पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभागार "बुंदेलखंड राज्य दो, वोट लो" और "बहुत सहा, अब नहीं सहेंगे" जैसे नारों से गूंज उठा। अपने संबोधन में राजपूत ने कहा कि बुंदेलखंड खनिज संपदा सहित प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र है और यहां से सरकार को खनन के माध्यम से भारी राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद क्षेत्र विकास, सिंचाई, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बड़ी संख्या में युवाओं को दिल्ली, मुंबई और गुजरात जैसे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
पूर्व सांसद ने नमामि गंगे योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई गांवों में पेयजल परियोजनाओं के तहत नल लगाए गए हैं, लेकिन नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग अब जन आंदोलन का स्वरूप ले चुकी है और इसे अधिक समय तक दबाया नहीं जा सकता।
श्री राजपूत ने लोगों से आह्वान किया कि जब तक पृथक राज्य के गठन की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक इस मुद्दे को चुनावी विमर्श का प्रमुख विषय बनाया जाए। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा बुंदेलखंड के विकास, रोजगार, सिंचाई, पेयजल और क्षेत्रीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए पृथक राज्य की मांग का समर्थन किया।
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