, Sept. 19 -- विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना अथवा वैज्ञानिक बनाना नहीं है, बल्कि उनमें चरित्र निर्माण, सामाजिक संवेदना और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि अच्छा वैज्ञानिक वही है, जिसमें समाज के प्रति संवेदना और राष्ट्र के प्रति प्रेम हो।
कुलपति ने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करें, ताकि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में अपना योगदान दे सकें।
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