जशपुर , अप्रैल 05 -- छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले के पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत का आज हृदयघात से आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद समाचार के सामने आते ही पूरे जिले में शोक की लहर फैल गई है। राजनीतिक, सामाजिक और आमजन में गहरा दुःख व्याप्त है तथा उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनके निवास पर पहुंच रहे हैं।

पूर्व विधायक के समकालीन स्थानीय नेताओं से मिली जानकारी के अनुसार,स्वर्गीय भगत का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता रहे और समाज सेवा के माध्यम से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके साथ ही वे अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से भी जुड़े रहे और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते रहे।

वर्ष 2008 में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के प्रयास से उन्हें जशपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया। चुनाव में उन्होंने 64,553 मत प्राप्त कर 50.18 प्रतिशत मतों के साथ विजय हासिल की और विधायक निर्वाचित हुए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और विभिन्न समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति, पुस्तकालय समिति, पटल पर रखे गए पत्रों की जांच समिति तथा गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति शामिल हैं।

उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास, सड़क, शिक्षा और विशेष रूप से आदिवासी समाज के कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी। उनके कार्यों के कारण वे एक जनप्रिय और जमीनी नेता के रूप में पहचाने जाते थे।

जगेश्वर राम भगत का जन्म 02 अगस्त 1949 को जशपुर जिले के ग्राम कोमड़ो में हुआ था। उनके पिता का नाम रामेश्वर राम था। वे हायर सेकेंडरी शिक्षित थे और कृषि उनका मुख्य व्यवसाय था। वे धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विशेष रुचि रखते थे। पारिवारिक जीवन में वे विवाहित थे और उनके छह पुत्र एवं पांच पुत्रियां हैं।

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