पटना , अगस्त 06 -- बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में गुरुवार को एक पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक को तीन वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ बीस हजार रूपए का जुर्माना भी किया है।

निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के पालीगंज थाना क्षेत्र स्थित दामोदर उच्च विद्यालय, रघुनाथपुर के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक उपेंद्र शर्मा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है।जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।

इस मामले के विशेष लोक अभियोजक विजय भानु उर्फ पुट्टु बाबू ने बताया की मामले की शिकायतकर्ता विद्यालय की एक छात्रा थी, जिसने मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की थी। मुख्यमंत्री छात्रा प्रोत्साहन योजना के दस हजार रुपए की राशि विद्यालय को प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता को प्रोत्साहन राशि का चेक देने के एवज में दोषी प्रभारी प्रधानाध्यापक शिकायतकर्ता छात्रा से 2000 की रिश्वत की मांग कर रहा था।

इस मामले में शिकायतकर्ता के आवेदन पर आरोपों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद एक धावादल का गठन किया गया और 24 जुलाई 2013 को दोषी को निगरानी के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता छात्रा से पटना के बोरिंग रोड स्थित गैसोलीन पेट्रोल पंप के निकट 2000 की रिश्वत लेते हुए उसे रंगेहाथों गिरफ्तार किया था । अभियोजन ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए दस गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था।

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