चंडीगढ़ , अक्टूबर 09 -- पंजाब के निलंबित पूर्व उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) हरचरण सिंह भुल्लर शुक्रवार को चंडीगढ़ कोर्ट में पेश हुए। पेशी के दौरान उन्होंने कहा कि वह अभी कुछ नहीं कह सकते। मामला 8 लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले से जुड़ा है।

वहीं, कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा ने आरोप लगाया कि पंजाब में चुनाव के चलते उसे और एक अन्य व्यक्ति को फंसाया जा रहा है। उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उसका कोई कसूर नहीं है।

इससे पहले गुरुवार को भुल्लर और शिकायतकर्ता आकाश बत्ता सीबीआई कोर्ट में पेश हुए थे, जहां आकाश बत्ता ने गवाही दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिश्वत की रकम से जुड़े धन शोधन के पहलुओं की जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि कथित रिश्वत की रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। ईडी कृष्णु शारदा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और भुल्लर से पूछताछ कर सकती है।

रिश्वत मामले में सीबीआई की करीब 52 सदस्यीय टीम ने भुल्लर के मोहाली स्थित कार्यालय और चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित कोठी पर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान कोठी से 5 करोड़ रुपये नकद, गहने, लग्जरी घड़ियां, विदेशी शराब और रिवॉल्वर मिलने की बात सामने आई थी। नकदी गिनने के लिए तीन मशीनें मंगवाई गई थीं। इसके अलावा संपत्तियों, लग्जरी गाड़ियों और बैंक लॉकर से जुड़े दस्तावेज भी मिले थे।

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