मोतिहारी , अप्रैल 21 -- बिहार में पूर्वी चम्पारण जिले के कोटवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का औचक निरीक्षण मंगलवार को सदर सब डिविजिनल ऑफिसर (एसडीओ) निशांत सिहारा ने किया।

श्री सिहारा ने अपने निरीक्षण के दौरान पाया कि अस्पताल भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का केंद्र बन गया है। इस दौरान उन्होंने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात कर्मी आलोक कुमार को मरीजों से निर्धारित शुल्क से दोगुनी राशि वसूलते हुए पकड़ा।

इस निरीक्षण के समय प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की रजिस्टर में उनकी उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन वह ड्यूटी से नदारद थे। उनके साथ 7 अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी बिना किसी सूचना के गायब पाए गए। निरीक्षण के समय कोई भी सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं था।

एसडीओ ने इस "खुली लूट" और घोर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

श्री सिहारा की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि संबंधित अधिकारी मुख्यालय में रहने के बजाय प्रतिदिन मुजफ्फरपुर चले जाते हैं और इस 'रिमोट कंट्रोल' कार्यशैली के कारण अस्पताल की नियमितता और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं।

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