मोतिहारी , सितंबर 19 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में यूरिया संकट के बीच प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने खाद के अवैध भंडारण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गोदामों से 13,372 बोरी अवैध उर्वरक जब्त किया है।सदर एसडीओ, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, एसडीपीओ (सदर-1) तथा बंजरिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बंजरिया पोखरा और चांटी माई रोड स्थित मेसर्स तरुण खाद्य बीज भंडार के गोदामों पर एक साथ छापेमारी की। दोनों परिसरों की तलाशी के दौरान बड़े पैमाने पर डंप कर रखी गई उर्वरक की खेप बरामद हुई। इस संबंध में बंजरिया थाने में कांड संख्या 519/26 दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खेती के व्यस्त सीजन में जब किसान यूरिया की एक-एक बोरी के लिए कतारों में खड़े हैं, तब इतनी भारी तादाद में खाद का अवैध भंडारण प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जांच का दायरा अब इस बात पर केंद्रित है कि यह खेप आधिकारिक आपूर्ति श्रृंखला से कैसे बाहर हुई, इसका वास्तविक नियंत्रक कौन था और इसे किन बाजारों में खपाने की तैयारी थी। नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण सीमा पार तस्करी के पहलू को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
जिले में खाद के संदिग्ध भंडारण का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व बंजरिया के लक्ष्मण चौक स्थित एक गोदाम पर छापेमारी के दौरान लाइसेंस नवीनीकरण और अधिकृत भंडारण स्थलों की वैधता को लेकर विसंगतियां उजागर हुई थी। वहीं, अंबिका नगर में भी अवैध स्टॉक और बिक्री रजिस्टर के अभाव में कार्रवाई हुई थी, जहां 670 बोरी यूरिया लदा एक ट्रक पकड़ा गया था।
अवैध कारोबार की परतें खोलने के लिए जांच टीम अब खाद की खरीद-फरोख्त के चालान, स्टॉक रजिस्टर, परिवहन के साधनों और रैक प्वाइंट से आपूर्ति की कड़ियों का मिलान कर रही है।
कृषि विभाग के स्तर पर नियमित भौतिक सत्यापन में हुई चूक की भी समीक्षा की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कागजी आंकड़ों और गोदाम के वास्तविक स्टॉक के बीच यह बड़ा अंतर किसकी मिलीभगत से बना रहा।
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