मोतिहारी , मई 30 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने भूमि संबंधी मामलों में फर्जीवाड़े के एक गंभीर प्रयास का खुलासा करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), सदर मोतिहारी द्वारा किए गए निरीक्षण एवं दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान यह मामला प्रकाश में आया कि न्यायालय, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर मोतिहारी के नाम पर कथित रूप से फर्जी दाखिल-खारिज अपील वाद संख्या 788/2023-24 एवं 789/2023-24 को ऑनलाइन अपलोड कर राजस्व अभिलेखों में बदलाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

सूत्रों के अनुसार,प्रारंभिक जांच में यह आशंका व्यक्त की गई है कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से जुड़े कुछ कथित मध्यस्थों तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भी इस पूरे प्रकरण में भूमिका हो सकती है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है,जिससे सभी संबंधित पक्षों की संलिप्तता निर्धारित किया जा सके।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड और न्यायालयीय आदेशों से संबंधित किसी भी प्रकार की जालसाजी अथवा धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि समय रहते मामले का खुलासा होने से राजस्व अभिलेखों में संभावित गड़बड़ी को रोका जा सका है। इस घटना के बाद भूमि संबंधी ऑनलाइन आवेदनों और न्यायालयीय आदेशों के सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सख्त किए जाने की संभावना है।

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