मोतिहारी , अक्टूबर 30 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र से पुलिस ने 19 लाख 98 हजार 500 रुपये मूल्य की भारतीय मुद्रा के साथ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी की गई सूचना के अनुसार, 28 अक्टूबर की शाम डायल-112 को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश नंबर की दो एसयूवी गाड़ियों में सवार कुछ लोग मोतिहारी से अरेराज की ओर जा रहे हैं, जो जाली भारतीय मुद्रा के कारोबार से जुड़े हैं। इस सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक पर वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान तेज गति से गुजर रही दोनों गाड़ियों को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस को देखते ही कार से तीन लोग भागने लगे, जिनमें से एक को पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र के हरिराम शाही टोला निवासी रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है।तलाशी के दौरान उसके बैग से 500 रुपये के 40 बंडलों में रखे कुल 3,997 भारतीय मुद्रा बरामद की गई। इनका कुल मूल्य 19 लाख 98 हजार 500 रुपये है। पूछताछ में रोहित, बरामद नोटों के स्रोत और कारोबार से संबंधित कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बरामद मुद्रा असली है या नकली, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार युवक का मोबाइल फोन खंगाला तो जाली नोटों के कारोबार से जुड़े कई अहम सुराग मिले। मोबाइल में गोरखपुर निवासी सोनू सिंह के साथ जाली नोटों की गड्डियों की तस्वीरें साझा किए जाने और इस संबंध में बातचीत के प्रमाण मिले। मोबाइल की जांच में एक ही क्रमांक वाले पांच नोटों की तस्वीरें और नकली करेंसी से संबंधित कई वीडियो भी मिले।
गिरफ्तार युवक के बयान, मोबाइल में उपलब्ध बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मोतिहारी और बेतिया जिले के कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान बेतिया के बानुछापर थाना क्षेत्र के बेलवा निवासी अशोक मिश्रा के घर से .350 बोर की एक राइफल और 10 कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, अशोक मिश्रा जाली नोटों के इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है। इस मामले में बनुछापर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई से जाली नोटों के कारोबार के गोरखपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण तक फैले नेटवर्क के तार सामने आए हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों, जाली नोटों के स्रोत और इनके वितरण के नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस जांच में जुटी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित