मोतिहारी , अप्रैल 09 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले की एक अदालत ने हत्या के एक मामले में गुरुवार को दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (11)आनंद अभिषेक की अदालत ने हत्या के एक मामले में गुरुवार को दोषी को उम्रकैद एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि वसूल की गई जुर्माना राशि मृतक की मां को दी जाएगी।
यह सजा कोटवा थाना क्षेत्र के बड़का मठ बरकुरवा निवासी चंद्रिका सहनी के पुत्र अमर कुमार सहनी को सुनाई गई है। यह मामला कोटवा थाना कांड संख्या 96/2022 से संबंधित है। मामले में सूचक कौशल्या देवी (पति- अच्छेलाल सहनी) ने अमर कुमार सहनी सहित चंद्रिका सहनी, हरेंद्र सहनी और छोटन सहनी को नामजद अभियुक्त बनाया था।
प्राथमिकी के अनुसार, 17 मार्च 2022 की रात करीब 12 बजे कौशल्या देवी की नींद अपने पुत्र हृदया सहनी की चीख-पुकार सुनकर खुली। जब वह उसके कमरे में पहुंचीं, तो देखा कि उनका पुत्र आरोपितों से जान की भीख मांग रहा था। इसके बावजूद आरोपितों ने गुप्ती और चाकू से हमला कर हृदया सहनी की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार अमर कुमार सहनी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया, जबकि अन्य अभियुक्तों के खिलाफ अनुसंधान के बाद अलग से आरोप पत्र दाखिल किया गया। अन्य नामजद अभियुक्तों का मामला अलग स्वत्ववाद (संख्या 1382/2022) के तहत विचाराधीन है। विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक नुरुद्दीन अंसारी ने अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अमर कुमार सहनी को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई।
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