मोतिहारी , मई 30 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया थाना क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई ) की महुआवा शाखा में अपराधियों ने चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया, लेकिन बैंक का लॉकर और नकदी सुरक्षित रहने से उनकी साजिश नाकाम हो गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया के अपराधियों ने शुक्रवार की रात बैंक भवन की एक खिड़की का ग्रिल काटकर अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। खिड़की और आसपास के हिस्सों को क्षतिग्रस्त किया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि चोरों का लक्ष्य बैंक के लॉकर अथवा अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों तक पहुंचकर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देना था, लेकिन वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके।
सूत्रों ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जांच टीम बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में घटना के तार स्थानीय अपराधियों से जुड़े होने की संभावना दिखाई दे रही है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
चिरैया थानाध्यक्ष ने बताया कि बैंक में चोरी का प्रयास किया गया, लेकिन बैंक के लॉकर और नकदी पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी बड़े आर्थिक नुकसान की सूचना नहीं है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अपराधियों ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की योजना कैसे बनाई।
सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोरी की कोशिश के दौरान बैंक का अलार्म सिस्टम सक्रिय नहीं हुआ। अधिकारियों का मानना है कि यदि अलार्म समय पर बज जाता तो अपराधियों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था। अलार्म सिस्टम के निष्क्रिय रहने के कारणों की भी जांच की जा रही है।
इस बीच मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ड्यूटी में कथित लापरवाही के आरोप में गश्ती दल से जुड़े पुलिसकर्मियों तथा बैंक परिसर की सुरक्षा में तैनात चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित निगरानी और सतर्कता बरती जाती तो अपराधियों के प्रयास को शुरुआती स्तर पर ही विफल किया जा सकता था। घटना के बाद बैंक प्रबंधन ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। शाखा में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर विचार किया जा रहा है। बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि उनकी जमा राशि और लॉकर पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी प्रकार की वित्तीय क्षति नहीं हुई है।
एसआईटी की टीम संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने दावा किया है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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