मोतिहारी , फरवरी 17 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में दोहरे हत्याकांड के एक गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुये नामजद अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

पूर्वी चंपारण जिले के 21वें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश रंजन की अदालत ने पति- पत्नी की चाकू मारकर हत्या के मामले में अभियुक्त पवन साह को दोषी ठहराया है।

न्यायालय ने आजीवन कारावास के साथ- साथ अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि वसूली गई राशि मृतक दंपती के वारिसों को प्रदान की जाये।

यह मामला मेहसी थाना कांड संख्या 108/2024 से जुड़ा है। अभियुक्त पवन साह, मेहसी थाना क्षेत्र के मिठनपुरा वार्ड संख्या- पांच के निवासी स्व. सिकी साह का पुत्र है। इस हृदयविदारक घटना की प्राथमिकी मृतकों की बहू मीना देवी (पति मनोज साह) ने दर्ज कराई थी।

प्राथमिकी के अनुसार, 14 जुलाई, 2024 की दोपहर मृतक बतहु साह अपने घर के सामने बंसवारी में खाट पर सो रहे थे। इसी दौरान कमर से कपड़ा हट जाने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि उसी दिन शाम करीब पांच बजे अभियुक्त पवन साह ने सड़क पर बतहु साह को पकड़कर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें बचाने आई उनकी पत्नी मानती देवी पर भी अभियुक्त ने चाकू से वार किया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद अभियुक्त चाकू लेकर फरार होने लगा और उसे झाड़ी में फेंक दिया। ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने नामजद अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया, जबकि अन्य आरोपितों के खिलाफ अनुसंधान जारी रखा गया है।

पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में वाद संख्या 368/2025 के तहत मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मो. मोईनुल हक और सहायक अधिवक्ता पवन कुमार ने कुल आठ गवाहों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 103 बीएनएस के तहत दोषी करार देते हुये आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियुक्त द्वारा अब तक जेल में बिताई गई अवधि का समायोजन सजा की अवधि में किया जायेगा।

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