मोतिहारी , मई 15 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी व्यवहार न्यायालय के प्रथम अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रसेनजीत सिंह ने अवैध रूप से कारतूस रखने के मामले में एक युवक को दोषी करार देते हुए दो वर्षों के सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

न्यायालय ने यह सजा गोविंदगंज थाना क्षेत्र के पिपरा निवासी बच्चा शर्मा के पुत्र रोहित शर्मा उर्फ रोहित कुमार को सुनाई गई। यह मामला गोविंदगंज थाना कांड संख्या 345/2022 से जुड़ा है, जिसे तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय कुमार के बयान पर दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार 9 जुलाई 2022 की शाम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रोहित शर्मा अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करता है तथा अपने घर में हथियार और कारतूस छिपाकर रखे गए हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शाम करीब सात बजे उसके घर पर छापेमारी की।

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