लखनऊ , जुलाई 15 -- उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियों में क्रमिक तेजी आने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 जुलाई को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है, जबकि 17 जुलाई से पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा का दायरा बढ़ेगा और कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग द्वारा बुधवार को जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार 15 और 16 जुलाई को पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। इस दौरान दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्म और उमस भरी परिस्थितियां भी बनी रह सकती हैं।

पूर्वानुमान के अनुसार 17 जुलाई से मानसूनी गतिविधियों में तेजी आएगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला कहीं-कहीं तक सीमित रह सकता है। मौसम विभाग ने 17 और 18 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

18 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं। इसके बाद 19 से 21 जुलाई के बीच मानसून और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इस अवधि में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा या बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विभाग ने 19, 20 और 21 जुलाई के लिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, तेज वर्षा के दौरान यातायात प्रभावित होने तथा आकाशीय बिजली और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी सप्ताह में प्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ने से अधिकांश जिलों में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से कुछ राहत मिलने की संभावना है, हालांकि भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

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