लखनऊ , जुलाई 18 -- दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में जोरदार सक्रियता दिखाई। गोरखपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, चंदौली और आसपास के जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। हालांकि, ताजा बारिश के बावजूद प्रदेश में मानसून की मौसमी वर्षा अभी भी सामान्य से काफी कम बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 141.6 मिमी वर्षा गोरखपुर के बर्डघाट में दर्ज की गई। इसके अलावा गोरखपुर शहर में 110.2 मिमी, बांसगांव में 98 मिमी, मिर्जापुर के चुनार में 80 मिमी, पलियाकलां (खीरी) में 70.4 मिमी, बीएचयू वाराणसी में 64 मिमी तथा सुल्तानपुर में 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रयागराज के फाफामऊ में 38.4 मिमी, छतनाग में 36.6 मिमी तथा कोरांव में 36 मिमी बारिश दर्ज हुई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा। बिजनौर के चांदपुर में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि बदायूं के दातागंज में 17 मिमी, झांसी में 15.2 मिमी, ललितपुर के महरौनी में 15 मिमी तथा जालौन के कालपी में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकांश अन्य जिलों में हल्की वर्षा अथवा केवल बूंदाबांदी दर्ज हुई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 18 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान 176.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 247.8 मिमी होती है। इस प्रकार प्रदेश में अब तक 29 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। दैनिक वर्षा भी सामान्य से 24 प्रतिशत कम रही।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में शनिवार की अच्छी बारिश के कारण दैनिक वर्षा सामान्य से 9 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई, लेकिन पूरे मानसून सीजन में यहां अभी भी 40 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को सामान्य से 76 प्रतिशत कम वर्षा हुई, हालांकि पूरे मानसून सीजन में यहां वर्षा की कमी घटकर 8 प्रतिशत रह गई है।
जिलावार स्थिति पर नजर डालें तो शनिवार को चंदौली में सामान्य से 666 प्रतिशत, गोरखपुर में 377 प्रतिशत, गाजीपुर में 238 प्रतिशत, वाराणसी में 199 प्रतिशत, मिर्जापुर में 182 प्रतिशत, सुल्तानपुर में 171 प्रतिशत तथा प्रयागराज में 120 प्रतिशत अधिक दैनिक वर्षा दर्ज की गई। इसके विपरीत अयोध्या, बलरामपुर, लखनऊ, कानपुर देहात, हरदोई, मऊ, फर्रुखाबाद और कई पश्चिमी जिलों में सामान्य से काफी कम या नगण्य वर्षा हुई।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी द्रोणिका के उत्तर प्रदेश के निकट बने रहने से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे गंगा, यमुना, घाघरा, राप्ती, सरयू और अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने नदी तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित