देवरिया , मार्च 29 -- पूर्वांचल क्रांति दिवस के अवसर पर रविवार शाम देवरिया में मशाल जुलूस के साथ जनसैलाब उमड़ पड़ा। "विकसित देवरिया" के नारों के बीच लोगों ने हाथों में मशाल लेकर शहर की सड़कों पर रैली निकाली। कार्यक्रम में 1857 की क्रांति की याद को ताजा करते हुए वीर मंगल पांडेय के बलिदान को नमन किया गया। आयोजकों ने कहा कि जिस तरह 29 मार्च 1857 को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह की चिंगारी भड़की थी, उसी भावना को आज विकास के संकल्प के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
सांसद शशांक मणि के नेतृत्व में निकले इस मशाल जुलूस में सैकड़ों युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। जुलूस का उद्देश्य 'अमृत प्रयास' के तहत विकास योजनाओं को जनभागीदारी से साकार करने का संदेश देना था। इस दौरान नकदी फसल एवं एग्रो प्रोसेसिंग के विस्तार और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मार्ग पर तैनात रहे और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखी गई।
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