नयी दिल्ली , सितंबर 20 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों को असुरक्षित पीजी में रहने की मजबूरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा है कि सत्य निकेतन जैसी घटनाओं के सामने आने के बावजूद पूरे देश में सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं।
श्री गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर सत्य निकेतन त्रासदी में अपने बेटे को खोने वाले परिवार के स सहानुभूति व्यक्त करते हुए उनकी पीड़ा का उल्लेख किया और कहा, "उस मासूम की क्या गलती थी।"उन्होंने कहा कि अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते तो परिवारों को अपने बच्चों को ऐसी खतरनाक जगहों पर रखने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता और यदि सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन होता तो शायद यह त्रासदी नहीं होती।
श्री गांधी ने कहा कि सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया। उन्होंने पूछा कि छात्रों को असुरक्षित पीजी में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है और सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची।
श्री गांधी ने छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी भी तय किए जाने की मांग की है।
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