रायपुर , अगस्त 31 -- छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले में ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित पुल के पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होने के मामले में आज कहा है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री नेताम ने सोमवार को अटल नगर स्थित अपने बंगले में पत्रकारों से बातचीत में पुल क्षतिग्रस्त होने से जुड़े सवाल पर कहा, "मामले की पूरी जानकारी आने दीजिए। मैं उस वक्त उपस्थित नहीं था।" उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कहा कि यदि कहीं भी निर्माण कार्य की स्थिति खराब पाई जाती है तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा किसान मोर्चा की बैठक के संबंध में कृषि मंत्री ने कहा कि भाजपा संगठन ने अलग-अलग मोर्चों की व्यवस्था की है। इन मोर्चों के माध्यम से संबंधित वर्गों के विषयों पर संगठन लगातार चिंता और अध्ययन करता है। पार्टी का उद्देश्य संगठन को सर्वस्पर्शी और सर्वग्राही बनाना है।
उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा के माध्यम से किसानों के बीच उपलब्धियों, दायित्वों और समस्याओं का समय-समय पर अध्ययन किया जाता है और इसके बाद संबंधित रिपोर्ट संगठन को सौंपी जाती है। किसान मोर्चा की मांगों के आधार पर सरकार बनने के बाद किसानों से 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी शुरू की गई। इसके साथ ही अधिकतम उत्पादन लेने के प्रयास किए गए और वर्ष 2023 में सरकार बनने से पहले का बकाया बोनस भी किसानों को दिया गया।
मंत्री नेताम ने कहा कि सरकार और संगठन का दायित्व है कि किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
कांग्रेस की ओर से आदिवासी मुद्दों को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष की अपनी भूमिका होती है और अलग-अलग समय पर विपक्ष अलग-अलग वर्गों के बीच जाता है। कांग्रेस कभी किसानों, कभी महिलाओं और कभी युवाओं के बीच जाने की बात करती है और अब उसे एसटी वर्ग दिखाई दे रहा है, इसलिए आदिवासी समाज के बीच जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता और एसटी वर्ग के लोग कांग्रेस पर भरोसा नहीं कर सकते।
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