वाराणसी , अगस्त 23 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साइबर अपराध प्रकोष्ठ और चेतगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर फर्म खुलवाकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी, निवेश धोखाधड़ी और सट्टेबाजी ऐप में करने वाले गिरोह का रविवार को पर्दाफाश किया।

पुलिस ने गिरोह के सरगना रोहतास, सासाराम (बिहार) निवासी नीतीश कुमार पाण्डेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों से जुड़े 41 बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 143 शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों में करीब 116.86 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी 'एक्सपे' नामक एपीके के माध्यम से एसएमएस अग्रेषण सुविधा सक्रिय कर मोबाइल पर आने वाले एक बार इस्तेमाल होने वाले पासवर्ड (ओटीपी) हासिल करते थे। इसके बाद साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर उसे इधर-उधर घुमाया जाता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 19 चेकबुक, 40 डेबिट कार्ड, 48 क्यूआर स्कैनर और दो वाहन बरामद किए हैं।

पुलिस मामले की जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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