सीहोर , जून 04 -- मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में शासकीय कार्य में बाधा डालने और पुलिस दल पर हमला करने के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एम.के. वर्मा की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

अभियोजन के अनुसार 22 मार्च 2025 को थाना इछावर पुलिस को ग्राम खैरी में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। सूचना पर सहायक उपनिरीक्षक रामनारायण धुर्वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां कुछ लोग एक परिवार के साथ गाली-गलौज कर रहे थे और उनके हाथों में लाठियां थीं।

पुलिस द्वारा समझाइश देने और नाम-पता पूछने पर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि चारों ने सहायक उपनिरीक्षक धुर्वे के साथ मारपीट की, उनकी वर्दी फाड़ दी और राजाराम जांगड़े ने डंडे से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे वे घायल होकर बेहोश हो गए। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

मामले में हेमराज उर्फ राजाराम जांगड़े, गजराज जांगड़े, विशाल जांगड़े और राहुल जांगड़े, सभी निवासी गेरूखान पाटनी थाना बिलकिसगंज, के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर चारों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 121(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

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