नयी दिल्ली , अगस्त 05 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए छात्रों को नहीं डरने की सलाह दी और कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर संविधान की रक्षा की है इसलिए वह हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं।

श्री गांधी ने बुधवार को 10 जनपथ के बाहर देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र आंदोलनकारियों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने इन युवाओं से बातचीत की है। ये युवा देश के अलग-अलग राज्यों से आए हैं और सभी ने बताया कि उन्होंने किसी प्रकार की हिंसा नहीं की लेकिन उनके साथ हिंसा हुई है और धमकी देकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, "जब किसी नागरिक के साथ अन्याय होता है तो उसकी मदद करना हमारा कर्तव्य है। युवाओं को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सही तरीके से प्रदर्शन किया और संविधान की रक्षा की, जिस पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए।"प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के घरों में गुंडे भेजेने और उन पर जबरन गलती स्वीकार करने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "आज ये युवा देश की प्रेस के सामने हैं, लेकिन गृहमंत्री अमित शाह संसद के सामने नहीं आ सकते। अगर वह संसद में नहीं आ रहे हैं तो इसकी दो ही वजह हैं, या तो वह जानते हैं कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए वही जिम्मेदार हैं या फिर उन्होंने ही यह कार्रवाई कराई है।"श्री गांधी के साथ प्रेस वार्ता में शामिल मुंबई से आई रिया अहीर ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को न तो पढ़ने दिया जा रहा है और न ही उन्हें सुरक्षित माहौल मिल रहा है।

झारखंड की नूतन ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उनके सामने पैलेट गन चलाई गई। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी तरह मालूम है कि उनके बगल से पैलेट गन चलाई गई थी। उत्तर प्रदेश की फरहनाज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ गुंडों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि वे 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' के नारे लगा रहे थे, फिर भी उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया और उन्हें देशद्रोही समझा गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित