कानपुर , अक्टूबर 23 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पुलिसकर्मियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी बच्चों में अनुशासन विकसित करने, नशामुक्त समाज के निर्माण, शिक्षा और स्वच्छता जैसे सामाजिक अभियानों में भी योगदान दें।

राज्यपाल शुक्रवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की ओर से आयोजित टाइम्स सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 श्रेणियों के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया।

राज्यपाल ने कहा कि पुलिसकर्मियों का सम्मान केवल मंच पर पुष्प अर्पित करने या प्रशस्ति-पत्र देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके प्रति सम्मान, उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और उनके योगदान के लिए कृतज्ञता की भावना हमारे व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने व्यक्तिगत सुखों और पारिवारिक समय को पीछे छोड़कर समाज की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। जब लोग परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, तब अनेक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। जब नागरिक निश्चिंत होकर विश्राम करते हैं, तब वे जागकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उनकी सतर्कता से समाज सुरक्षित रहता है और उनके साहस से नागरिकों में विश्वास कायम होता है।

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस सेवा चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है। कई बार पुलिसकर्मियों को प्रतिकूल परिस्थितियों में परिवार से दूर रहकर समाज और राष्ट्रहित में कर्तव्यों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसे कर्मियों और उनके परिवारों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने पुलिसकर्मियों से विद्यालयों, युवाओं और स्थानीय समुदायों के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। पुलिसकर्मी अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ जनसहभागिता के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी। इससे महिलाओं को पुलिस सेवा में आने के अधिक अवसर मिले।

राज्यपाल ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने गुजरात में पुलिस कॉलोनियों के निर्माण और मरम्मत में होने वाली देरी दूर करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आवासीय परिसरों में आंगनवाड़ी, पेयजल, महिलाओं के लिए गतिविधि केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गईं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से अधीनस्थ कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।

पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति पुलिस बल के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सार्वजनिक मंच पर सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और सकारात्मक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहन मिलता है।

समारोह में मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पाण्डियन, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, संयुक्त पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन टाडा और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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