, Aug. 11 -- योगी ने माध्यमिक शिक्षा में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने विद्यालयों और इंटर कॉलेजों ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन समय के साथ उनके भवन जर्जर हो गए थे और उनमें आवश्यक सुविधाओं की कमी हो गई थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक स्तर के विद्यालयों की स्थिति सुधारने का काम किया गया। सभी राजकीय इंटर कॉलेजों और सरकार से सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के लिए विशेष धनराशि की व्यवस्था की गई। इसके माध्यम से इन विद्यालयों के भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण कराया गया। आज इन विद्यालयों में लैब व क्लासरूम समेत शिक्षा के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को भी नए सिरे से विकसित किया गया है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की पुरानी स्थिति का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि एक समय ..माफिया.. शब्द की चर्चा पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही शुरू होती थी। माफिया और मच्छर इस क्षेत्र की त्रासदी बन चुके थे। माफिया जनता का खून चूसता था और मच्छर बीमारियां पैदा करता था। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय दुर्दांत माफिया केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं थे, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी थे। ये माफिया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके थे। पूर्वी उत्तर प्रदेश सदियों तक उपेक्षा का शिकार रहा। बीमारी, बाढ़, अराजकता और गुंडागर्दी जैसी समस्याओं से यह क्षेत्र मुगल और ब्रिटिश काल से लेकर आजादी के बाद तक जूझता रहा। बीमारी और बेगारी के कारण यहां से बड़े पैमाने पर लोगों को पलायन करना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि 1947 के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश की उपेक्षा क्यों हुई? शिक्षा-स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने से तत्कालीन सरकारों को किसने रोका?मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय पूर्वी उत्तर प्रदेशमें बीमारी ही नियति बन गई थी। कभी मलेरिया, कभी इंसेफेलाइटिस तो कभी डेंगू, अलग-अलग क्षेत्रों में मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लेते थे। जुलाई से नवंबर तक का समय बीमारियों के चलते हर परिवार के लिए भय और दहशत लेकर आता था। जिस समाज में बचपन असमय काल कवलित हो जाए, उसके भविष्य की कल्पना की जा सकती है। बाढ़ आती थी और अपने पीछे बीमारियां छोड़ जाती थी। मासूम बच्चों की सुधि लेने वाला कोई नहीं था।
योगी ने कहा कि इंसेफेलाइटिस के खिलाफ उन्होंने 18-19 वर्षों तक लड़ाई लड़ी। सांसद रहते हुए इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाया और मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला तो दो वर्ष के भीतर इस बीमारी का समाधान निकाल दिया। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश इंसेफेलाइटिस से मुक्त है और कभी बीमारी की त्रासदी झेलने वाला यह क्षेत्र मेडिकल सुविधाओं के बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। अफसोस है कि कांग्रेस ने लंबे समय तक प्रदेश में शासन किया और समाजवादी पार्टी को भी चार बार प्रदेश में सरकार बनाने का अवसर मिला, लेकिन इंसेफेलाइटिस के खिलाफ इन दलों ने कभी आवाज नहीं उठाई। एक समय गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज खुद बीमार था। आज वही मेडिकल कॉलेज सुपर स्पेशलिटी के नए केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। आज गोरखपुर में एम्स स्थापित हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और अंबेडकरनगर में मेडिकल कॉलेज हैं। मऊ में मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। ये मेडिकल कॉलेज वर्ष 2017 से पहले भी बनाए जा सकते थे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज लोगों के भीतर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति पैदा हुए विश्वास के प्रतीक भी हैं।
योगी ने कहा कि करीब दस वर्ष पहले तक गोरखपुर से कभी-कभी एक फ्लाइट चलती थी, जबकि आज यहां से 14 फ्लाइट संचालित हो रही हैं। ये सभी फ्लाइट यात्रियों से भरी रहती हैं। रोड कनेक्टिविटी में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, हाईवे और बेहतर इंटरस्टेट कनेक्टिविटी ने पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। एक समय कोई सोच भी नहीं सकता था कि गोरखपुर का फर्टिलाइजर कारखाना दोबारा चलेगा। पिपराइच और मुंडेरवा की चीनी मिलें शुरू होंगी, कताई मिल प्रारंभ हो पाएगी या खजनी का कंबल कारखाना फिर से चल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी व अयोध्या में हुए विकास ने न केवल आस्था को सम्मान दिया, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान की है। 1916 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी काशी आए थे। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाते समय उन्होंने वहां की संकरी गलियों और गंदगी को देखकर कहा था कि अगर किसी दूसरे लोक का कोई जीव धोखे से यहां गिर जाए तो वह मान लेगा कि नरक में आ गया है। गांधी जी के नाम पर राज करने वाले लोगों को काशी की स्थिति सुधारने की फुर्सत नहीं मिली। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में आज काशी विश्वनाथ धाम अपने भव्य स्वरूप में देश-दुनिया के सामने है। इसी तरह अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। आध्यात्मिक पर्यटन ने उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान की है।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प विकसित भारत का है यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। इसी तरह विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना तब साकार होगी, जब पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य क्षेत्र, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश मिलकर विकास के पायदान पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। सरकार ने सर्वसमावेशी विकास के लाभ को हर गांव, हर गरीब, हर किसान, हर नौजवान और हर महिला तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज और उसकी अपेक्षाओं को सुनना आवश्यक है।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, न्यूज-18 इंडिया के मुख्य संपादक राहुल जोशी तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
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