भुवनेश्वर , जुलाई 20 -- ओडिशा में बीजू जनता दल ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार पर पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का ठीक से प्रबंधन न करने और इसके कारण हुई श्रद्धालुओं की मौतों को छिपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही बीजद ने इस त्रासदी की न्यायिक जांच और राज्य मंत्रिमंडल से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग एवं कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन को हटाने की मांग की।
बीजद के राज्य उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री संजय कुमार दास बर्मा तथा पार्टी के मीडिया समन्वयक एवं प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रथ यात्रा के आयोजन को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला किया।
श्री दास बर्मा ने कहा कि इस दुखद घटना से दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के लाखों भक्तों को गहरा सदमा पहुंचा है और आरोप लगाया कि यह डबल-इंजन सरकार की पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर ओडिशा के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया क्योंकि मंत्री ने दावा किया था कि मौतें भगदड़ के कारण नहीं बल्कि हार्ट अटैक और दम घुटने से हुई थीं जबकि कथित पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भगदड़ से मौत होने का संकेत मिला था।
श्री दास बर्मा ने मंत्री के बयानों को पूरी तरह से झूठा बताते हुए आरोप लगाया कि रथ यात्रा के दौरान असल में क्या हुआ था इस बारे में सरकार ज़रूरी जानकारी छिपा रही है और भगदड़ में मारे गए एवं घायल हुए लोगों की सही संख्या का आधिकारिक रूप से खुलासा करने में नाकाम रही है।
उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद गंभीर रूप से घायल चार श्रद्धालुओं को पुरी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें से तीन की बाद में मौत हो गई जबकि मुख्य ज़िला चिकित्सा अधिकारी ने बताया था कि 350 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने तथ्यों को दबाने की कोशिश में सिर्फ़ दो मौतों को ही माना और तीसरे पीड़ित के बारे में चुप रही।
बीजद नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह ज़िम्मेदारी लेने से इनकार कर रही है और इसके बजाय विरोधाभासी बयान देकर प्रशासनिक खामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पारंपरिक रीति-रिवाजों में इजाज़त न होने के बावजूद सूर्यास्त के बाद रथ क्यों खींचे गए और सरकार से मांग की कि वह स्थापित परंपराओं से हटकर किए गए इसका कारण बताए। श्री दास बर्मा ने रथ यात्रा से जुड़ी पिछली घटनाओं की जांच रिपोर्ट प्रकाशित करने की भी मांग की, जिनमें भगदड़ में हुई मौतें और वह घटना शामिल है जिसमें कथित रूप से 'पहांडी' रस्म के दौरान भगवान बलभद्र की मूर्ति फिसल गई थी।
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