समस्तीपुर , अप्रैल 28 -- समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने मंगलवार को कहा कि घरों में रखी पुरानी पांडुलिपियां सिर्फ कागज नहीं है, बल्कि हमारी सभ्यता की पहचान हैं, जिन्हें सहेजना और सुरक्षित रखना सभी का दायित्व है।

जिलाधिकारी श्री कुशवाहा ने आज यहां बताया कि समस्तीपुर जिले में 'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के दलसिंहसराय में चलाए गए विशेष सर्वेक्षण अभियान के दौरान वार्ड संख्या 12 निवासी जितेंद्र राउत ने 25 प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां प्रस्तुत की हैं। उन्होंने बताया कि इन पांडुलिपियों को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रभात रंजन के समन्वय से 'ज्ञान भारतम् पोर्टल' पर सफलतापूर्वक अपलोड किया गया हैं। इसके अलावे जिले के दलसिंहसराय स्थित प्राचीन पांडव मंदिर सहित अन्य मंदिरों और मठों से भी 30 से अधिक पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं।

श्री कुशवाहा ने बताया कि इस जिले में अब- तक कुल 77 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है, जो सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि वह अपने घरों, मंदिरों और मठों में सुरक्षित रखी 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान कर उसे सामने लाएं, जिससे इस विरासत को डिजिटल रूप में सहेजा जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहल न सिर्फ इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समस्तीपुर को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और जागरूक बनाने का प्रयास है।

जिलाधिकारी श्री कुशवाहा ने इस कार्य मे योगदान देने वाले जितेंद्र राउत और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, दलसिंहसराय को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर जिला कला संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी भी उपस्थित थी।

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