पुणे , मार्च 13 -- महाराष्ट्र के पुणे में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में आये व्यवधान से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के दैनिक जीवन पर असर हुआ है।

व्यावसायिक सिलेंडरों की अनुपलब्धता के कारण कई छोटे भोजनालयों और मेस सुविधाओं के बंद होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र वापस पैतृक गांवों की ओर रुख करने पर विचार कर रहे हैं। छात्र-बहुल इलाकों के कई मेस संचालकों और भोजनालयों ने गुरुवार को अपने ग्राहकों को सूचित किया कि गैस की किल्लत के कारण भोजन उपलब्ध नहीं करा पायेंगे।

अचानक आये इस व्यवधान ने उन छात्रों के लिए अनिश्चितता पैदा कर दी है, जो अपनी दैनिक भोजन आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह से इन कम लागत वाली भोजन सेवाओं पर निर्भर हैं।

कुछ मेस मालिकों ने सीमित गैस आपूर्ति की व्यवस्था की है। उन्होंने बढ़ती परिचालन लागत से निपटने के लिए मासिक भोजन शुल्क में लगभग 200 रुपये की वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी ने उन छात्रों पर वित्तीय दबाव बढ़ा दिया है, जो पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान तंग बजट में गुजारा कर रहे हैं।

पुणे लंबे समय से यूपीएससी, एमपीएससी, बैंकिंग और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का प्रमुख केंद्र रहा है।

ग्रामीण महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के छात्र बड़ी संख्या में छात्रावास, किराये के कमरों या साझा आवासों में रहते हैं और नियमित भोजन के लिए सस्ती मेस सुविधाओं पर निर्भर हैं।

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