पुणे , जून 03 -- महाराष्ट्र के पुणे में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ''झेप'' कार्यक्रम शुरू हुआ है। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों द्वारा साझा किए गए प्रेरणादायक अनुभवों और मूल्यवान अंतर्दृष्टियों के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है।

इस कार्यक्रम का लगातार चौथा वर्ष है, जिसका आयोजन ''सन्मति बाल निकेतन'' और ''तीर्थरूप एजुकेशनल हॉस्टल'' द्वारा किया जा रहा है। ये संस्थान सिंधुताई सपकाल द्वारा स्थापित ''सप्तसिंधु महिला आधार, बाल देखभाल और शिक्षा संस्थान' के अंतर्गत संचालित होते हैं।

इस वर्ष के कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बुलढाणा स्थित ''सेवा संकल्प प्रतिष्ठान'' के डॉ. नंदकुमार पालवे और आरती पालवे उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों के साथ 'हमारे आस-पास की दुनिया को समझना' विषय पर एक हृदयस्पर्शी और प्रेरणादायक चर्चा की।

डॉ. पालवे ने कार्यक्रम की शुरुआत में सिंधुताई सपकाल की स्मृति को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें समाज के लिए आशा की किरण बताया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यों ने हजारों अनाथ, वंचित और बेसहारा बच्चों के जीवन को बदल दिया। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि जिस धरती पर सिंधुताई ने अपना मिशन पूरा किया था, उसी धरती पर उनके बच्चों के साथ बातचीत करने का अवसर मिलना उनके लिए एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है।

उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण पर बोलते हुए जीवन में कम से कम एक सच्चा मित्र होने के महत्व पर जोर दिया। छात्रों के साथ एक मूल्यवान संदेश साझा करते हुए उन्होंने कहा, ''बहुत सारे दोस्त होने की तुलना में कम से कम एक सच्चा दोस्त होना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।''सुश्री आरती पालवे ने छात्रों के साथ बातचीत करते हुए कृतज्ञता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने समझाया कि दो सरल शब्द ''धन्यवाद'' और ''क्षमा करें'' रिश्तों में सकारात्मकता ला सकते हैं। उन्होंने छात्रों को उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञ रहने के लिए प्रोत्साहित किया जो उनके जीवन में किसी भी तरह से योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि कृतज्ञता व्यक्ति के व्यक्तित्व को समृद्ध करती है और जीवन को अधिक सार्थक तथा सुंदर बनाती है।

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