पुणे , सितंबर 12 -- महाराष्ट्र के पुणे में गणेशोत्सव के दौरान बढ़ते शोर-शराबे के प्रदूषण के खिलाफ अब कानूनी लड़ाई शुरू हो गयी है।
सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट ने कानूनी विशेषज्ञ असीम सरोदे की मदद से यह पहल की है।
महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक, पुणे पुलिस आयुक्त , पुणे नगर निगम आयुक्त और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कानूनी नोटिस भेजे गये हैं।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि शोर-शराबे के प्रदूषण, अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम के बारे में उच्चतम न्यायालय , बॉम्बे उच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों को संबंधित अधिकारी ठीक से लागू नहीं कर रहे हैं।
वकील असीम सरोदे ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ गणेश मंडलों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि उन प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी होनी चाहिए जो कानून लागू करने में नाकाम रहते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मौजूदा नियमों और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है।
बापट का अभियान सिर्फ़ गणेशोत्सव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ईद, रमज़ान और नये साल के जश्न समेत सभी त्योहारों और सार्वजनिक समारोहों के दौरान होने वाले शोर-शराबे (ध्वनि प्रदूषण) के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की गयी है। यह अभियान त्योहारों का विरोध नहीं करता, बल्कि यह मांग करता है कि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाये जायें और उनसे दूसरों को कोई परेशानी या व्यवधान न हो।
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