पुडुचेरी , अप्रैल 16 -- पुडुचेरी में दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार के प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए इसकी निंदा की है।
भाकपा राज्य समिति के सदस्य और पूर्व विधायक कलाइनाथन ने गुरुवार को यहां एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार इस संबंध में जल्दबाजी में कार्रवाई कर रही है जिसका उद्देश्य दक्षिणी राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व को कम करना और संसद में उनकी आवाज को दबाना है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों को लागू करने से पहले सभी राज्यों और सभी राजनीतिक दलों के विचार सुनने चाहिए थे और सर्वसम्मति से लोकतांत्रिक निर्णय लेना चाहिए था। सभी दलों के बीच सहमति बनाए बिना राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में कार्रवाई करके भाजपा सरकार देश की अखंडता के खिलाफ काम कर रही है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
माकपा के राज्य सचिव रामचंद्रन ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की आड़ में केंद्र सरकार के इस कदम से दक्षिणी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो जाएगी। हिंदी भाषी क्षेत्र में यह संख्या 207 से बढ़कर 543 (77 प्रतिशत) हो जाएगी। लेकिन दक्षिणी राज्यों में यह वृद्धि केवल 33 प्रतिशत होगी।
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