नैनीताल , दिसंबर 15 -- केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की नई दिल्ली स्थित प्रमुख बेंच ने सोमवार को केंद्र और उत्तराखंड सरकार के साथ ही प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) रंजन मिश्रा को नोटिस जारी किया।

यह नोटिस 1992 बैच के वन सेवा के अधिकारी (आईएफएस) बीपी गुप्ता की याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पीसीसीएफ पद पर नियुक्ति में उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज किया गया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने याचिका में कहा है कि सबसे वरिष्ठ और योग्य अधिकारी होने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया, जबकि 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी श्री मिश्रा को वन विभाग का मुखिया बनाया गया है। यही नहीं याचिकाकर्ता की ओर से श्री मिश्रा की नियुक्ति को रद्द करने की मांग की गई है।

श्री नेगी के अनुसार याचिका में चयन समिति की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाये गये है। कैट ने प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए केवल दो दिन का समय दिया है। ट्रिब्यूनल ने उत्तराखंड सरकार को भी निर्देश दिया है कि वह एक सीलबंद लिफाफे में चयन समिति की बैठक का विवरण पेश करे।

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